।। एकादशः पाठः : ग्राम्यजीवनम् (Village Life) ।।
नमो नमः! 🙏 Bihar Board Class 9 Sanskrit के 11वें अध्याय में आपका स्वागत है। महात्मा गांधी ने कहा था—"भारत की आत्मा गाँवों में बसती है।"
यह पाठ "ग्राम्यजीवनम्" हमें गाँव की सरलता, प्राकृतिक सौंदर्य और कृषि प्रधान जीवनशैली से परिचित कराता है। यहाँ की शुद्ध हवा और शांति शहर में कहाँ?
🚜 गाँव पर संस्कृत निबंध (Essay)
परीक्षा में अक्सर 'अस्माकं ग्रामः' (हमारा गाँव) पर 7 वाक्यों में अनुच्छेद लिखने को आता है।
पूरे नंबर पाने के लिए सरल संस्कृत वाक्य यहाँ देखें:
👉 Get Essay & Solutions1. Chapter 11 Book PDF (Read Online)
नीचे दिए गए व्यूअर में पाठ पढ़ें। इसमें किसान, खेत-खलिहान और गाँव के विद्यालय का सुंदर चित्रण है।
2. गाँव और शहर में अंतर (Comparison)
इस पाठ को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि गाँव का जीवन शहर से अलग कैसे है:
शुद्ध वातावरण, सरल लोग, खेती-बारी, और संयुक्त परिवार। यहाँ शांति है लेकिन सुविधाओं की थोड़ी कमी हो सकती है।
भागदौड़, प्रदूषण, बड़ी इमारतें और आधुनिक सुविधाएं। यहाँ शोर ज्यादा है और सुकून कम।
3. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण (Exam Focus)
Boardmate Experts के अनुसार:
- ✅ अनुवाद: पाठ के गद्यांश का हिंदी अनुवाद तैयार करें।
- ✅ पर्यायवाची: कृषकः (किसान), क्षेत्रम् (खेत) जैसे शब्दों के अर्थ याद करें।
- ✅ प्रश्न-उत्तर: गाँव के लोग कैसे रहते हैं? (सरल जीवन व्यतीत करते हैं)।
Source & Credit: This content aligns with the textbooks published by
State Council of Educational Research and Training (SCERT), Bihar.
