अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (सरल व्याख्या)
(Bihar Board Class 10 Science - Chapter 1)
1. प्रस्तावना: रासायनिक परिवर्तन क्या है?
भौतिक परिवर्तन: जैसे बर्फ का पिघलना। इसमें पानी का सिर्फ रूप बदला है, वह अभी भी
ही है।रासायनिक परिवर्तन: जब कोई पदार्थ हमेशा के लिए बदल जाए और एकनया पदार्थ बन जाए। जैसे—दूध का फट जाना, लोहे पर जंग लगना, भोजन का पचना या साँस लेना।
अवस्था में परिवर्तन: (जैसे गैस का निकलना या ठोस बनना)।रंग में परिवर्तन: (जैसे लोहे की कील डालने पर नीले घोल का हरा हो जाना)।गैस का निकास: (जैसे जस्ता और अम्ल मिलने पर हाइड्रोजन गैस निकलना)।तापमान में परिवर्तन: (बर्तन का गर्म या ठंडा हो जाना)।
2. रासायनिक समीकरण (Chemical Equations)
अभिकारक (Reactants): जो पदार्थ अभिक्रिया में भाग लेते हैं (ये तीर के बाईं ओर लिखे जाते हैं)।उत्पाद (Products): जो नया पदार्थ बनता है (ये तीर के दाईं ओर लिखे जाते हैं)।
उदाहरण: (यहाँ Mg और अभिकारक हैं, और MgO उत्पाद है)
(A) मैग्नीशियम रिबन वाला प्रयोग (महत्वपूर्ण प्रश्न)
विस्तृत उत्तर: मैग्नीशियम एक बहुत ही क्रियाशील धातु है। जब यह खुले में रखा रहता है, तो हवा की ऑक्सीजन से क्रिया करके अपने ऊपरमैग्नीशियम ऑक्साइड की एक धुंधली परत बना लेता है। यह परत रिबन को ठीक से जलने नहीं देती। इसलिए, उसे रेगमाल (Sandpaper) से रगड़कर हटाया जाता है ताकि शुद्ध मैग्नीशियम हवा के संपर्क में आए और आसानी से जल सके।
(B) संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation)
असंतुलित (Unbalanced/Skeletal): (यहाँ बाईं ओर 2 ऑक्सीजन हैं, लेकिन दाईं ओर सिर्फ 1 है। यह गलत है।) संतुलित (Balanced): (अब दोनों तरफ 4 हाइड्रोजन और 2 ऑक्सीजन हैं। यह सही है।)
3. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Chemical Reactions)
(I) संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
फॉर्मूला:
यहाँ दो चीजें (चूना + पानी) मिलकर एक चीज (बुझा हुआ चूना) बनाती हैं। ध्यान दें: इस अभिक्रिया में बहुत गर्मी निकलती है (बर्तन गर्म हो जाता है), इसलिए यहऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया भी है।उपयोग: यही
दीवारों पर सफेदी के लिए पोता जाता है। 2-3 दिन बाद यह हवा की कार्बन डाइऑक्साइड ( ) से क्रिया करकेकैल्सियम कार्बोनेट ( की एक पपड़ी बना लेता है, जिससे दीवारों पर चमक आती है। )
(II) वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
फॉर्मूला:
ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition): गर्मी (Heat) देकर तोड़ना। उदाहरण: चूना पत्थर (
) को गर्म करने पर वह और में टूट जाता है। सीमेंट बनाने में इसका उपयोग होता है।
वैद्युत वियोजन (Electrolytic Decomposition): बिजली (Electricity) गुजार कर तोड़ना। उदाहरण: पानी (
) में करंट दौड़ाने पर वह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूट जाता है।महत्वपूर्ण: परखनली में हाइड्रोजन गैस की मात्रा ऑक्सीजन से दोगुनी होती है क्योंकि पानी का सूत्र
है (2 भाग H, 1 भाग O)।
प्रकाशीय वियोजन (Photolytic Decomposition): सूरज की रोशनी (Sunlight) से तोड़ना। उदाहरण: सिल्वर क्लोराइड (
) को धूप में रखने पर वह ग्रे (धूसर) रंग का हो जाता है, क्योंकि क्लोरीन गैस उड़ जाती है और सिर्फ चाँदी (Silver) बचती है। इसका उपयोगब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में किया जाता था।
(III) विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
) की कील को कॉपर सल्फेट (क्या हुआ? लोहा (Iron), कॉपर से ज्यादा शक्तिशाली है। उसने कॉपर को धक्का देकर बाहर निकाल दिया और खुद सल्फेट के साथ जुड़ गया।नतीजा: विलयन का नीला रंग बदलकरहल्का हरा (
) हो जाता है और कील पर भूरे रंग की कॉपर की परत जम जाती है।
(IV) द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
यहाँ सोडियम (
) सल्फेट को छोड़कर क्लोरीन ( ) के साथ चला गया।और बेरियम (
) क्लोरीन को छोड़कर सल्फेट ( ) के साथ आ गया।अवक्षेप (Precipitate): इस प्रक्रिया में
(बेरियम सल्फेट) का एकसफेद ठोस पदार्थ बनता है जो पानी में नहीं घुलता और नीचे बैठ जाता है। इसलिए इसेअवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) भी कहते हैं।
(V) उपचयन और अपचयन (Oxidation and Reduction)
उपचयन (Oxidation): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन जुड़ जाए ।या, जब किसी पदार्थ से हाइड्रोजन निकल जाए ।
अपचयन (Reduction): जब किसी पदार्थ से ऑक्सीजन निकल जाए ।या, जब किसी पदार्थ में हाइड्रोजन जुड़ जाए ।
उदाहरण:
यहाँ (कॉपर ऑक्साइड) में से ऑक्सीजन निकल गयायह अपचयन है।
यहाँ (हाइड्रोजन) में ऑक्सीजन जुड़ गया (बन गया) यह उपचयन है।
4. ऊर्जा के आधार पर अभिक्रियाएँ
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद बनने के साथ-साथ ऊष्मा (गर्मी/ऊर्जा) निकलती है ।उदाहरण: प्राकृतिक गैस का जलना, याश्वसन (Respiration) ।श्वसन ऊष्माक्षेपी क्यों है? क्योंकि पाचन क्रिया के दौरान कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में टूटता है। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऊर्जा पैदा करता है, जिससे हमारा शरीर चलता है।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction): जिन अभिक्रियाओं को पूरा होने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) सोखनी पड़ती है ।उदाहरण: वियोजन अभिक्रियाएँ (जैसे चूना पत्थर को गर्म करना)। बिना गर्मी दिए ये अभिक्रियाएँ शुरू ही नहीं होतीं।
5. दैनिक जीवन में उपचयन (Oxidation) के प्रभाव
लोहे पर जंग लगना: लाल-भूरे रंग की परत। (इसे रोकने के लिए पेंट या ग्रीस लगाते हैं)।चाँदी का काला होना: हवा में मौजूद सल्फर से क्रिया करके।तांबे का हरा होना: हवा की नमी और कार्बन डाइऑक्साइड से क्रिया करके (कॉपर कार्बोनेट बनना)।
नतीजा: उनका स्वाद और गंध (महक) खराब हो जाती है।बचाव: इन्हें एयर-टाइट डिब्बों में रखें। चिप्स के पैकेट में ऑक्सीजन हटाकर नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। नाइट्रोजन कम क्रियाशील होती है और खाने को ऑक्सीकृत होने से रोकती है।