भारत से हम क्या सीखें – प्रश्न उत्तर Bihar Board Class 10 Hindi
प्रश्न 1.
समस्त भूमंडल में सर्वविद सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण देश भारत है। लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?
उत्तर-
मरत ऐसा देश है, जहाँ मानव मस्तिष्क की उत्कृष्टतम उपलब्धियों का सर्वप्रथम साक्षात्कार हुआ है। यहाँ जीवन की बड़ी-से-बड़ी समस्याओं के ऐसे समाधान ढूँढ निकाले गये हैं जो विश्व के दार्शनिकों के लिए चिन्तन का विषय है। भारत में भूतल पर ही स्वर्ग की छटा बिखरती है। यहाँ की धरती प्राकृतिक सौंदर्य, मानवीय गुण, मूल्यवान रत्न, प्राकृतिक सम्पदा एवं मनीषियों के आध्यात्मिक चिंतन से परिपूर्ण है। यहाँ जीवन को सुखद बनाने के लिए उपयुक्त ज्ञान एवं वातावरण का सान्निध्य मिलता है जो भूमंडल में अन्यत्र नहीं है।
प्रश्न 2.
लेखक की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन कहाँ हो सकते हैं और क्यों?
उत्तर-
लेखक की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन गाँवों में हो सकते हैं। भारत की सारी परंपरा का आधार ऋषि और कृषि पद्धति है। गाँव में ग्राम पंचायत व्यवस्था देखने को मिलेंगे। कृषि व्यवस्था, मंदिर व्यवस्था आदि मौलिक रूप से वहीं देखी जा सकती है।
प्रश्न 3.
भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों?
उत्तर-
भारत को पहचान करने वाली दृष्टि भारतीय सिविल सेवा हेतु चयनित युवा अंग्रेज अधिकारियों के लिए है। भारत में पहुंचने के बाद वहाँ से ज्ञान, सामाजिक व्यवस्थाएँ, विज्ञान आदि का संग्रह और उन्नयन करने की दृष्टि हो। सर विलियम जोन्स की तरह नए युवा अधिकारी भी स्वप्नदर्शी हों और गंगा, सिन्धु के मैदानों में संग्रहणीय वस्तु एवं विद्या इंग्लैंड लावें।
प्रश्न 4.
लेखक ने किन विशेष क्षेत्रों में अभिरुचि रखने वाले के लिए भारत का प्रत्यक्ष ज्ञान आवश्यक बताया है?
उत्तर-
लेखक ने कहा है कि आपकी अभिरुचि किसी विशेष क्षेत्र में हो तो भारत में आपको पर्याप्त अवसर मिलेंगे। लोकप्रिय शिक्षा से सम्बद्ध हो, या उच्च शिक्षा, संसद में प्रतिनिधित्व की बात हो अथवा कानून बनाने की बात, प्रवास संबंधी कानून हो अथवा अन्य कोई कानूनी मसला, सीखने या सिखाने योग्य कोई बात क्यों न हो, भारत में ऐसी प्रयोगशाला मिलेगी।
प्रश्न 5.
लेखक ने वारेन हेस्टिंग्स से संबंधित किस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का हवाला दिया है और क्यों?
उत्तर-
वारेन हेस्टिंग्स को वाराणसी के पास 172 दारिस नामक सोने के सिक्कों से भरा एक घड़ा मिला। उन्होंने इसे ईस्ट इंडिया कम्पनी के निदेशक मंडल को भेजा, यह सोचकर कि यह उपहार सर्वोत्तम दुर्लभ वस्तुओं में गिना जाएगा। निदेशक उसका ऐतिहासिक महत्त्व न समझ सके और मुद्राओं को गला डाला। यह वारेन हेस्टिंग्स के लिए सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी।
प्रश्न 6.
लेखक ने नीतिकथाओं के क्षेत्र में किस तरह भारतीय अवदान को रेखांकित किया है?
उत्तर-
लेखक ने बताया कि नीति कथाओं के अध्ययन-क्षेत्र में नवजीवन का संचार हुआ है। समय-समय पर विविध साधनों और मार्गों द्वारा अनेक नीति कथाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित रही हैं। भारत में प्रचलित कहावतों और दन्तकथाओं का प्रमुख स्रोत बौद्ध धर्म को माना जाने लगा। उदाहरण- ‘शेर की खाल में गदहा’ वाली कहावत यूनानी दार्शनिक प्लेटो के क्रटिलस में मिलती है। भारतीय नीति कथाएँ यूनान से कैसे जुड़ी, यह शोध का विषय है।
प्रश्न 7.
भारत के साथ यूरोप के व्यापारिक संबंध के प्राचीन प्रमाण लेखक ने क्या दिखाए हैं?
उत्तर-
लेखक के अनुसार सोलोमन के समय में ही भारत, सीरिया और फिलीस्तीन के मध्य आवागमन के साधन सुलभ थे। कुछ संस्कृत शब्दों का प्रयोग भी मिलता है। हाथी-दाँत, बन्दर, मोर और चन्दन आदि वस्तुएँ भारत से ही आयी थीं। दसवीं-ग्यारहवीं सदी में भी भारत के साथ यूरोप के व्यापारिक सम्बन्ध बंद नहीं हुए थे।
प्रश्न 8.
भारत के ग्राम पंचायतों को किस अर्थ में और किनके लिए लेखक ने महत्त्वपूर्ण बतलाया है?
उत्तर-
युवा अंग्रेज अधिकारी जो भारतीय सिविल सेवा हेतु चयनित हुए थे, उनके लिए भारत के ग्राम पंचायतों का महत्त्वपूर्ण अर्थ है – सरल राजनैतिक इकाइयों के निर्माण और विकास से सम्बद्ध प्राचीन युग के कानून की पुरातन रूपों के बारे में प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर।
प्रश्न 9.
धर्मों की दृष्टि से भारत का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
भारत प्राचीन काल से ही धार्मिक विकास का केन्द्र रहा है। यहाँ धर्म के वास्तविक उद्भव, प्राकृतिक विकास तथा अपरिहार्य क्षीयमाण रूप का प्रत्यक्ष परिचय मिलता है। भारत वैदिक धर्म की भूमि है, बौद्ध धर्म की जन्मभूमि है, पारसियों के जरथुस्ट्र धर्म की शरणस्थली है। आज भी नित्य नए मत-मतान्तर प्रकट एवं विकसित होते रहते हैं।
प्रश्न 10.
भारत किस तरह अतीत और सुदूर भविष्य को जोड़ता है?
उत्तर-
भारत में आप प्राचीन और भविष्य के बीच खड़े होंगे। आज की किसी भी समस्या – शिक्षा, संसद, कानून या अन्य – का समाधान भारत में खोजने की प्रयोगशाला मिलेगी, जो विश्व में अन्यत्र नहीं।
प्रश्न 11.
मैक्समूलर ने संस्कृत की कौन-सी विशेषताएँ और महत्त्व बतलाये हैं?
उत्तर-
संस्कृत की सबसे पहली विशेषता इसकी प्राचीनता है। ग्रीक और लैटिन भाषाओं की तुलना में संस्कृत पुरानी है। इससे भाषाओं का पारस्परिक संबंध स्पष्ट हुआ। संस्कृत को सभी भाषाओं की अग्रजा माना गया।
प्रश्न 12.
लेखक वास्तविक इतिहास किसे मानता है और क्यों?
उत्तर-
भाषा के अध्ययन से हमें प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आर्य लोगों के विभाजन से पूर्व की स्थिति ज्ञात होती है। इसी आधार पर लेखक इसे वास्तविक इतिहास मानते हैं, क्योंकि यह राज्यों और जातियों के संघर्ष से अधिक ज्ञात और पठनीय है।
प्रश्न 13.
संस्कृत और दूसरी भारतीय भाषाओं के अध्ययन से पश्चात्य जगत् को प्रमुख लाभ क्या-क्या हुए?
उत्तर-
मानव जाति के बारे में विचार व्यापक और उदार हुए। अजनबियों और “वर्बर” समझे जाने वाले लोग भी परिवार के सदस्यों की भांति समझे गए। सम्पूर्ण मानव इतिहास का वास्तविक रूप सामने आया।
प्रश्न 14.
लेखक ने भारत के लिए नवागंतुक अधिकारियों को किसकी तरह सपने देखने के लिए प्रेरित किया है और क्यों?
उत्तर-
लेखक ने नवागंतुक अधिकारियों को सर विलियम जेम्स की तरह सपने देखने के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने भारत के तट का दर्शन करते हुए अनुभव किया कि यह भूमि विज्ञान, कला, धर्म और मानव प्रतिभा की जननी है।
प्रश्न 15.
लेखक ने नया सिकंदर किसे कहा है? ऐसा कहना क्या उचित है?
उत्तर-
लेखक ने नया सिकंदर उन नवागंतुकों, अन्वेषकों, पर्यटकों और अधिकारियों को कहा है जो भारत को समझने, जानने एवं लाभ लेने आते हैं। यह उचित है क्योंकि अध्ययन, शोध और विश्व के विविध प्राचीनतम ज्ञान की विजय अभी भी संभव है।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
निम्नांकित वाक्यों से विशेष्य और विशेषण पद चुनें –
(क) उत्कृष्टतम उपलब्धियों का सर्वप्रथम साक्षात्कार।
उत्तर- विशेष्य: उपलब्धियों, साक्षात्कार; विशेषण: उत्कृष्टतम, सर्वप्रथम
(ख) प्लेटो और काण्ट जैसे दार्शनिकों का अध्ययन करनेवाले हम यूरोपियन लोग।
उत्तर- विशेष्य: लोग; विशेषण: यूरोपियन, हम
(ग) अगला जन्म तथा शाश्वत जीवन
उत्तर- विशेष्य: जन्म, जीवन; विशेषण: अगला, शाश्वत
(घ) दो-तीन हजार वर्ष पुराना ही क्यों, आज का भारत भी।
उत्तर- विशेष्य: भारत; विशेषण: पुराना, आज, दो-तीन हजार वर्ष
(ङ) भूले-बिसरे बचपन की मधुर स्मृतियाँ।
उत्तर- विशेष्य: स्मृतियाँ, बचपन; विशेषण: मधुर, भूले-बिसरे
(च) लाखों-करोड़ों अजनबियों तथा बर्बर समझे जानेवाले लोगों को भी।
उत्तर- विशेष्य: लोगों; विशेषण: वर्बर, लाखों-करोड़ों
प्रश्न 2.
‘अग्रजा’ की तरह ‘जा’ प्रत्यय जोड़कर तीन-तीन शब्द बनाएँ
उत्तर- अनुजा, भानुजा, भ्रातृजा
प्रश्न 3.
निम्नलिखित उपसर्गों से तीन-तीन शब्द बनाएँ
उत्तर-
प्र = प्रणाम, प्रसंग, प्रवाह
नि = नि:धन, निःश्वास, नि:शेष
अनु = अनुभव, अनुगमन, अनुमान
अभि = अभिज्ञान, अभिमान, अभिनंदन
विज = विज्ञान, विश्वास, विनाश
प्रश्न 4.
वास्तविक में ‘इक’ प्रत्यय है। ‘इक’ प्रत्यय से पाँच शब्द बनाएँ।
उत्तर- नैतिक, मौलिक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, साहसिक
गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण-संबंधी प्रश्नोत्तर
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सर्वविध सम्पदा और प्राकृतिक सौन्दर्य
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) भारत की भूतल पर स्वर्ग की छटा दिखती है
(ग) यूरोपियन के लिए चिंतन करने योग्य भूमि: भारत
(घ) भारत परिपूर्ण: सर्वविध सम्पदा और प्राकृतिक सौंदर्य से
(ङ) भारत ने मानव मस्तिष्क की उत्कृष्टतम उपलब्धियों का सर्वप्रथम साक्षात्कार किया -
पुराने सिक्के – वारेन हेस्टिंग्स
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) भारत में प्रचुर मात्रा में ईरानी, केरियन, यूनानी, रोमन, मुस्लिम शासकों के सिक्के
(ग) वारेन हेस्टिंग्स को वाराणसी के पास स्वर्ण मुद्राओं से भरा एक घड़ा मिला
(घ) उसे ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशक मंडल को भेंट में दिया
(ङ) निदेशक ने मुद्राओं को गला डाला -
संस्कृत भाषा का महत्व
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) संस्कृत की पहली विशेषता: प्राचीनता
(ग) ग्रीक और लैटिन के बीच समस्या: समानता को व्यक्त करना
(घ) संस्कृत को सभी भाषाओं की अग्रजा कहा गया -
ग्राम पंचायत
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) भारत की ग्राम पंचायत
(ग) भारत की ग्राम-पंचायत व्यवस्था सबसे प्राचीन और सरलतम प्रशासनिक इकाई -
आत्मरूप की पहचान
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) भारत सर्वोपरि स्थान
(ग) भाषा, धर्म, दैवत विज्ञान, दर्शन, विधि, रीति-रिवाज, कला और शिल्प
(घ) भारतीय साहित्य, इतिहास, कला, धर्म, विज्ञान की सम्पूर्ण जानकारी -
एकात्मकता
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) एकात्मकता का परिचायक: एक भाषा बोलना
(ग) संस्कृत भाषा का ज्ञान बिना नहीं मिलता
(घ) संस्कृत सार-रूप से ग्रीक, लैटिन, एंग्लो-सैक्सन भाषाओं के समान -
संस्कृत अध्ययन का लाभ
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) मानव जाति के बारे में विचार व्यापक और उदार
(ग) सम्पूर्ण मानव इतिहास का वास्तविक रूप सामने आया -
पूर्व की महत्ता
(क) पाठ- भारत से हम क्या सीखें; लेखक- मैक्समूलर
(ख) पूर्व से आया अनुभव मूल्यवान
(ग) इतिहास का ज्ञान न होने पर भी पूर्व की पुष्टि
(घ) सभ्यता का मूल पूर्व में है -
धर्म का महत्त्व
(क) भारत में धर्म का प्रत्यक्ष परिचय
(ख) ब्राह्मण/वैदिक धर्म की भूमि
(ग) मत-मतान्तर लगातार विकसित होते रहते हैं
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
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फ्रेड्रिक मैक्समूलर किस पाठ के रचयिता हैं?
(क) श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा
(ख) नागरी लिपि
(ग) भारत से हम क्या सीखें ✅
(घ) परम्परा का मूल्यांकन -
मैक्समूलर कहाँ के रहनेवाले थे?
(क) इंग्लैंड
(ख) जर्मनी ✅
(ग) अमेरिका
(घ) श्रीलंका -
भारत कहाँ बसता है?
(क) दिल्ली के पास
(ख) गाँधी में
(ग) शहरों में
(घ) लोगों के मन में ✅ -
पारसियों के धर्म का क्या नाम है?
(क) बौद्ध धर्म
(ख) जैन धर्म
(ग) वैदिक धर्म
(घ) जरथुस्ट ✅
रिक्त स्थानों की पूर्ति
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मैक्समूलर ने कालिदास के मेघदूत का जर्मन में अनुवाद किया।
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मैक्समूलर को स्वामी ने ‘वेदांतियों का वेदांती’ कहा।
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वस्तुओं के समान शब्द भी मर-मिट जाते हैं।
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ग्रीक भाषा का मूल संस्कृत के मूल शब्द का ही रूप है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
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जनरल कमिंघम ने भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की वार्षिक रिपोर्ट तैयार की।
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वारेन हेस्टिंग्स को वाराणसी के पास दारिस नामक 172 सोने के सिक्के मिले।
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भारत में प्राचीन काल में स्थानीय शासन ग्राम-पंचायत द्वारा चलता था।
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मैक्समूलर ने भू-विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जन्तु-विज्ञान, नृवंश विद्या, पुरातात्विक, इतिहास, भाषा आदि क्षेत्रों में अभिरुचि रखनेवालों के लिए भारत का प्रत्यक्ष ज्ञान आवश्यक बताया।
लेखक परिचय
विश्वविख्यात विद्वान फ्रेड्रिक मैक्समूलर का जन्म आधुनिक जर्मनी के डेसाउ नगर में 6 दिसंबर 1823 को हुआ। चार वर्ष की उम्र में उनके पिता का निधन हुआ। बचपन में ग्रीक और लैटिन में निपुण हुए। 18 वर्ष की आयु में लिपजिंग विश्वविद्यालय में संस्कृत का अध्ययन आरंभ किया। उन्होंने हितोपदेश, कठ, केन, मेघदूत का जर्मन में अनुवाद किया। स्वामी विवेकानंद ने उन्हें ‘वेदांतियों का वेदांती’ कहा। 28 अक्टूबर 1900 में उनका निधन हुआ।
सारांश
पाठ “भारत से हम क्या सीखें” मूलतः भारतीय सिविल सेवा हेतु चयनित अंग्रेज अधिकारियों को मैक्समूलर द्वारा दिया गया भाषण है। भारत का प्राचीन ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य, धर्म, भाषा और संस्कृति का अद्वितीय महत्व बताया गया। सभी क्षेत्रों के अध्ययन और अनुभव के लिए भारत को सर्वोत्तम स्थान कहा गया।
